राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहरे सचिन पायलट ने आखिरी दांव खेला है। पायलट समर्थकों ने एक बार फिर विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग कर दी है। पायलट कैंप के विधायक मुकेश भाकर ने विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की है। पायलट कैंप की डिमांड पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि विधायक चाहेंगे ते विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है। बता दें, 25 सितंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। ऐसी चर्चा थी कि बैठक में पायलट को मुख्यमंत्री बनाने का एक लाइन का प्रस्ताव पारित होना था, लेकिन बैठक से पहले ही गहलोत समर्थक मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी ने विधायक दल की बैठक का बहिष्कार कर सियासी बवाल खड़ा कर दिया था।
राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 के अंत में होने है। ऐसे में पायलट समर्थक विधायकों की मांग से गहलोत कैंप की परेशानी बढ़ सकती है। गहलोत कैंप विधायक दल की बैठक का इशारों में विरोध करता रहा है। गहलोत कैंप के विधायकों का कहना है कि चुनाव से पहले विधायक दल की बैठक बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। लेकिन पायलट समर्थक विधायक दल की बैठक की मांग पर अड़े हुए है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले विधायक दल की बैठक बुलाकर पायलट कैंप कांग्रेस आलाकमान पर दबाव डालना चाहता है। सचिन पायलट अपने समर्थकों को अधिक टिकट दिलाने की मांग कर सकते है। कांग्रेस संगठन में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति होनी है। पायलट चाहते हैं कि उनके समर्थकों को ज्यादा से ज्यादा जिला अध्यक्ष बनाया जाए। रणनीति के तहत पायलट कैंप विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग कर रहा है।
सचिन पायलट समर्थक विधायक मुकेश भाकर अपनी ही पीर्टी के तीन मंत्रियों के खिलाफ ऐक्शन नहीं होने से नाराज है। विधायक मुकेश भाकर ने मंगलवार को विधानसभा के बाहर कहा कि जब एक ही पार्टी में दो तरीके का व्यवहार होने लगेगा तो जनता में गलत मैसेज अच्छा नहीं जाएगा। जब हमने बगावत की तो खामियाजा भी भुगता। कई लोगों को पद गंवाने पड़े। मैंने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद गंवाया, पायलट साहब पीसीसी से हटे। सब तरीके की कार्रवाई हुई, लेकिन हमने कभी भी हाईकमान और गांधी परिवार को चैलेंज नहीं किया है।

