राजस्थान में एक बार फिर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच तनातनी शुरू हो गई है। पायलट ने रविवार को बीजेपी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के कथित मामलों में गहलोत सरकार द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर चिंता व्यक्त की और अनशन करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए एक बयान जारी किया, जिससे साफ संकेत मिल गए हैं कि आगामी राजस्थान चुनाव में कांग्रेस गहलोत के चेहरे पर उतरने वाली है। पायलट के अनशन के ऐलान के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक बयान में कहा कि पार्टी ने सीएम अशोक गहलोत के कार्यकाल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसके आधार पर पार्टी इस साल के अंत में लोगों से नए सिरे से जनादेश मांगेगी।
‘मुख्यमंत्री को लिखा लेटर, नहीं मिला जवाब’
सचिन पायलट ने कहा कि कई बार मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के बावजूद उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, “मैंने पिछले साल 28 मार्च को मुख्यमंत्री को लिखा था और जब मुझे कोई जवाब नहीं मिला, तो मैंने उन्हें 2 नवंबर को फिर से लिखा। मैंने उनसे उन सभी मुद्दों की जांच करने का आग्रह किया, जो मैंने और सीएम गहलोत दोनों ने उठाए थे। यह मामले भू-माफिया, शराब माफिया, खनन माफिया या अन्य हैं। मैंने कहा था कि चुनाव आ रहे हैं और हमें जनता को दिखाना होगा कि हमारे वादों और हमारे काम में कोई अंतर नहीं है।”

