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सीपी जोशी को मिला वफादारी का इनाम, मोदी की तुलना भगवान राम से की थी 

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राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को हटा दिया है। उनके स्थान पर सांसद सीपी जोशी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।  सीपी जोशी ने संसद में पीएम मोदी की तुलना भगवान श्रीराम से की थी। सतीश पूनिया को मदनलाल सैनी के बाद प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। पूनिया करीब 4 साल तक इस पद रहे। विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपना चेहरा बदल दिया है। इसे सियासी खींचतान के तौर देखा जा रहा है। पूनिया के नेतृत्व में जिला परिषद के चुनाव में बीजेपी को बड़ी सफलता मिली थी। हालांकि, विधानसभा उपचुनाव में पार्टी तो जीत नहीं दिला पाए थे। पद से हटाए जाने के बाद सतीश पूनिया ने कहा कि मैं पार्टी का आभारी हूं कि मेरे जैसे साधारण किसान के घर में जन्मे कार्यकर्ता को तीन वर्षों तक जिम्मेदारी देकर सम्मान दिया। इन तीन वर्षों में संगठनात्मक रचना और आंदोलन के द्वारा पार्टी को पूरी ताकत से धरातल पर सक्रिय करने में योगदान दे पाया। 

उल्लेखनीय है कि बीजेपी सांसद सीपी जोशी ने 7 फरवरी 2023 को संसद में राष्ट्रपति को शबरी और पीएम मोदी को राम बताया था। सीपी जोशी ने कहा- त्रेतायुग में माता शबरी भगवान राम के स्वागत के लिए आतुर थीं। वैसे ही आदरणीय राष्ट्रपति महोदया आज जब संसद में प्रवेश कर रही थीं, तब ऐसा लग रहा था कि उस जैसे प्रभु श्रीराम माता शबरी के स्वागत करने के लिए उनका अभिनंदन करने के लिए संसद के द्वार पर खड़े हैं। चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री देश को आगे ले जाने के लिए दूरदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं। आज हमारा सौभाग्य है कि पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हम G-20 देशों की अगुवाई कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि G-20 देश सकल घरेलू उत्पाद का 85 फीसदी भागीदारी रखता है। वैश्विक व्यापार की बात करें तो इन देशों की हिस्सेदारी 75 फीसदी है। G-20 देश दुनिया की दो तिहाई आबादी का नेतृत्व करते हैं।

राजस्थान में लंबे समय से वसुंधरा राजे कैंप के विधायक सतीश पूनिया को हटाने की मांग कर रहे थे। आखिरकार जेपी नड्डा को वसुंधरा राजे कैंप के आगे झुकना पड़ा। प्रदेश की राजनीति में वसुंधरा राजे और सतीश पूनिया एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाते हैं। सतीश पूनिया वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने का विरोध करते रहे हैं। दोनों नेताओं की वजह से पार्टी में गुटबाजी चरम पर थी। माना जा रहा है कि गुटबाजी को रोकने के लिए जेपी नड्डा ने राजस्थान में बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया को उनके पद से हटाकर गुटबाजी दूर करने की कवायद की है।बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने सितम्बर 2022 में पूनिया का कार्यकाल पूरा होने पर स्पष्ट कर दिया था कि पूनिया ही प्रदेशाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। लेकिन वसुंधरा राजे सीधे तौर पर पूनिया के विरोध में आ गई थी। इस वजह से पूनिया को जाना पड़ा है।

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