राजस्थान के बाड़मेर जिले में दलित विवाहिता से दुष्कर्म का मामला में परिजनों और सरकार की बीच सहमति बन गई है। पीड़ित परिवार को 40 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। संविदा की नौकरी पर सहमति बनी है। परिवार और समाज की सहमति के बाद शव का सुबह मेडिकल बोर्ड की ओर से पोस्टमार्टम करवाया गया है। इसके बाद परिजन जोधपुर से शव लेकर दोबारा बालोतरा रवाना हुए है। देर रात बाद जिला कलेक्टर लोकबंधु व पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद के प्रयास रंग लाए। धरने पर बैठे परिजनों व अन्य लोगो से की समझाईश की गई। जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि तथा परिजनों के बीच देर रात चली लंबी वार्ता आखिरकार सफल हो गई। पीड़ित परिवार को 35 लाख की उचित सहायता राशि व सरकारी योजनाओं के लाभ के साथ व दो सदस्यों को संविद पर नौकरी देने पर सहमति बनी है।
बता दें राजस्थान के बाड़मेर जिले में बलात्कार के बाद जिंदा जलाए जाने से जख्मी हुई दलित महिला की जोधपुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 30 वर्षीय दलित महिला के साथ बलात्कार करने के बाद उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी थी, जिसमें महिला करीब 50 प्रतिशत झुलस गई थी। उन्होंने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि महिला की मौत होने के बाद पहले से दर्ज प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) जोड़ी गई है।

