जोधपुर। राज्य के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को विधानसभा में अपनी ही सरकार के खिलाफ बोलने का दंड मंत्री MINISTER पद छीनकर देते ही राजस्थान की राजनीति POLITICS में फिर से एक नया उबाल आ गया है। गहलोत ASHOK GEHLOT ने इसे कांग्रेस का आंतरिक मामला बताकर टाल दिया है तो इधर दिव्या मदेरणा की कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से मुलाकात को लेकर भी अलग-अलग बात सामने आ रही है। कोई मुलाकात बता रहा है तो कोई प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर दिए गए बयान को लेकर बुलावा।
दरअसल, राजेंद्र गुढ़ा पर कार्रवाई के साथ पार्टी उन नेताओं को संदेश देने की कोशिश कर रही है जो पिछले कुछ समय से अपने बयानों के कारण सरकार के लिए मुसीबत बन रहे है। कायदे से विपक्ष के लोग महिला अत्याचार और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरते है, लेकिन गहलोत को तो उनके लोग ही नहीं बक्श रहे। कहते है कि जब पानी सिर से ऊपर निकलने लगे तो सहन करने की क्षमता जवाब दे जाती है। शायद, ऐसा ही कुछ कांग्रेस में चल रहा है। कुछ समय पहले ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा DIVYA MADERNA ने अपने ऊपर हमले को लेकर बयान दिया था। आरोप सरकार पर ही था कि पुलिस को बताने, पता होने, पुलिस के पहरे में होने के बावजूद उन पर हमला हो गया। गुढ़ा की मंत्री पद से बर्खास्तगी के ठीक बाद दिव्या की प्रभारी से मुलाकात या बुलावे को लेकर चर्चा जोरों पर है। हालांकि रंधावा की ओर से कहा गया है कि दिव्या मदेरणा से बातचीत हुई है। दिव्या ने अपनी भावनाओं से मुझे अवगत करवाया है। उनके विधानसभा क्षेत्र के कुछ कामों को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान दिव्या मदेरणा ने अपने मन की बात भी कही है।
इन सभी के बीच, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत GAJENDRA SINGH भी चुटकी लेने से नहीं चूके हैं। शनिवार को जब वे जोधपुर पहुंचे तो एयरपोर्ट AIRPORT पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने दिव्या को अपनी बहन बताते हुए कहा कि जो माहौल है, उससे तो लगता है कि अब अगल नंबर दिव्या का नहीं आ जाए, जो राज्य में कानून व्यवस्था व सरकार की गलत नीतियों पर बोलती रही हैं।

