राजस्थान के उदयपुर शहर के हाथीपोल थाने में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ पुलिस ने स्वत संज्ञान लेते हुए भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कुंभलगढ़ में भगवा लहराने की बात कही थी और इससे पुलिस ने कानून विरुद्ध बयान मानते हुए आसूचना अधिकारी के जरिए मामला दर्ज कराया है। बता दें हाल ही में उदयपुर शहर के गांधी ग्राउंड में धर्म सभा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कुमार शास्त्री और कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने संबोधित किया था। धर्मसभा के दौरान उदयपुर के बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड की गूंज सुनाई दी। धर्म सभा में धीरेंद्र शास्त्री और देवकीनंदन ठाकुर ने कन्हैया लाल साहू के निर्मम हत्या कांड का पुरजोर तरीके से विरोध किया। धर्मसभा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि हिन्दुओं को जातियों में बंटना बंद करना होगा। सबको एक होना होगा। भले ही जातियां अनेक हों लेकिन हम सब हिन्दू एक हैं। उन्होंने उपस्थित समाज को दोनों हाथ उठवाकर भगवान श्री सीताराम व हनुमान जी की शपथ दिलवाई कि आज के बाद हम हिन्दू एक हैं, जाति में नहीं बंटेंगे। उन्होंने कहा कि राम-कृष्ण का विरोध करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देंगे। हिन्दू राष्ट्र घोषित नहीं होने तक चैन से नहीं बैठेंगे।
उन्होंने कहा कि महारानी हाड़ी रानी धन्य हैं जिन्होंने सोचा कि यदि उनके पति का चित्त उनमें ही लगा रहा तो युद्ध कैसे जीतेंगे। यह सोचकर उन्होंने अपना सिर काटकर निशानी के रूप में भेज दिया। यह वह शौर्य भूमि है जहां माताओं-बहनों ने अग्नि स्नान किया है। मीरा की भूमि पर आयोजित इस नववर्ष समारोह में सभी संतों के समागम पर उन्होंने कहा कि सभी हिन्दू राष्ट्र का संकल्प लेने आए हैं। ये संकल्प मेवाड़ से जागृत हुआ है। उन्होंने कहा कि मेवाड़ में बप्पारावल हुए जिन्होंने 60 हजार की सेना को ईरान तक खदेड़ दिया। अब जिन लोगों को भारत से डर लगता है, जो देश के भीतर रहकर देशविरोधी गतिविधियां करते हैं, उन्हें बाहर भेजना है। धीरेंद्र शास्त्री ने सभा को संबोधित करते हुए कन्हैया हत्याकांड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक कन्हैया भले ही धोखे से हमारे बीच से चला गया हो, लेकिन हर घर में कन्हैया होगा। इस दौरान उन्होंने राजस्थान और मेवाड़ की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मेवाड़ ऐसी धरा है, जहां की माता- बहनें, भाई ही नहीं, यहां का घोड़ा चेतक भी वीर होता है।

