– बढ़ती जा रही है राजनीतिक दलों से दावेदारी करने वालों की धड़कनें
– इंतजार है कि खत्म होने का नाम नहीं ले रहा
भोपालगढ़। विधानसभा क्षेत्र भोपालगढ़ में (विधानसभा चुनाव 2023) आखिर कौन बनेगा टिकटपति ? इंतजार की इंतहा हो गई। व्हाट्सएप देखते देखते आंखे बड़ी हो गई है। व्हाटसएप्प के ग्रुप को खंगालने से नहीं चूकते हैं कि क्या पता किसी में टिकट पति की घोषणा हो जाय।
चुनावी दौर चल रहा है। सभी राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता अपने अपने समर्थक केन्डिडेट को टिकट दिलवाने के लिए अपने पसंद के नेता के साथ जयपुर और अपने गांव के बीच चक्कर पर चक्कर काटते दिखाई दे रहे हैं।कई नेता तो अपने समर्थकों के साथ दिल्ली में डेरा डाले हुए है।लेकिन टिकट है कि हनुमान की पूंछ की तरह लंबा हो रहा है। टी वी चैनल सोनी टीवी पर आने वाले कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ बच्चन के सवालों की तरह कई विकल्प के बीच फंसा हुआ नजर आ रहा है। अब ये टिकट बेचारा किसकी और जाये और किसकी और न जाये इस दुविधा में फंसा हुआ है। नेताओं के साथ टिकट के लिए जयपुर तक चक्कर दर चक्कर काटने वालों से ज्यादा तो वे लोग हैं जो रोजाना ही टिकट के इंतजार में सुबह उठते हैं और देर रात सोने से पहले अंतिम बार अपने मोबाईल के व्हाट्सएप ग्रुप को देखते है कि कई
ग्रुप में कई टिकट की झलक नजर आ जाये और सुकून से नींद ले सके। कांग्रेस बीजेपी एवम रालोपा तीनों ने ही टिकट फाईनल नही किया है।परिसीमन के बाद कांग्रेस अपने खोए गढ़ को पुनः स्थापित करने के लिए मजबूत एवम जिताऊ उम्मीदवार देख रही है कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों एवम कार्यक्रताओ से फीड बैक लिया जा रहा है।वही भाजपा पिछली बार की गलती फिर नही दोहराना चाहती है और रालोपा दूसरी बार विजय रथ को जारी रखने के लिए प्रयास कर रही है।अब इन्ही कारणों से टिकट अभी भी अटका हुआ है और उस अटके हुए टिकट को निकालने के चक्कर में भाजपा कांग्रेस और रालोपा के कई नेता दिन भर खयाली पुलाव बनाते नजर आते हैं कि टिकट तो बस उनकी झोली में आया कि आया लेकिन टिकट है कि आने का नाम ही नहीं ले रहा है।

‘खुद लेने से मना कर रहे’ का भी सहारा
टिकट की इस दौड़ में कांग्रेस से गीता बरवड़, अरुण बलई, भाजपा से पूर्व विधायक कमसा मेघवाल, किरण डांगी , रामलाल मेघवाल और रालोपा से मौजूदा विधायक पुखराज गर्ग, सुमेर राम जोरिया की सांसे भी अटकी पड़ी है कि उन्हें टिकट मिलेगा या नहीं। जबकि कुछ कार्यकर्ता तो यहां तक कहते हैं कि वे तो टिकट लेने से ही मना कर रहे हैं। अब सच्च क्या है यह तो वे ही जानें, लेकिन चर्चा जरूर है। दूसरी और कई नेता अति उत्साह में चुनावी टिकट के मैदान में पहले ही इतने दौड़ लिये कि अंतिम राउण्ड आते-आते वे थक कर बैठते नजर आ रहे है।
ऐसे में धीरे- धीरे दौड़ने वाले नेता छोटूराम गहलोत, संजू चौहान, पूसा राम मेघवाल श्रवण राम मेघवाल सहित अन्य जो कि दौड़ में तो धीरे धीरे दौड़ते नजर आ रहे है लेकिन कछुए और खरगोश की दौड़ की मानिंद कहीं टिकट उनके हाथ नहीं लग जाये जो कुछ भी हो लेकिन आलाकमान को जल्द ही टिकट की घोषणा कर देनी चाहिए क्योंकि ज्यों ज्यों टिकट में देरी हो रही है त्यो त्यो नए प्रत्याशी मैदान में आ रहे है ।बावरी समाज की आमसभा में भाजपा की मुश्किलें और बढ़ा दी अब बावरी समाज भी सोहन राम बावरी को अपने समाज एवम समर्थकों के साथ अपनी दावेदारी पेश कर दी।खैर हमारी भी आंखे टिकट की बाट जोहते जोहते थकने लगी है और आखिर थक हार कर हमें भी टिकट पर यह छोटा सा टुचकला लिखना पड़ रहा है इसके अलावा हम कर ही क्या सकते हैं क्योंकि हमारे हाथ में तो है नही किसी को टिकट देना। अगर हमारे हाथ में होता तो हम तो कभी का टिकट बांट कर लोगों को चैन की नींद सोने के लिए टिकट रूपी गोलियां दे देते, इतनी देर थौड़े ही करते। खैर जब तक टिकट मिले तब तक इस चुनावी चैपाल को पढ़ कर ही टाईम पास कर लो हो सकता है तब तक किसी न किसी को तो टिकट मिल ही जायेगा।
#Special news- Bhopalgarh: Which party will become ‘warlord’

