– उदयमंदिर थाने में वर्ष 2017 में दर्ज आर्म्स एक्ट के केस में कोर्ट का फैसला
नारद जोधपुर। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अहसान अहमद की कोर्ट ने शुक्रवार को अवैध पिस्टल रखने के मामले में सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए आरोपी सूरज उर्फ सूर्यप्रकाश कच्छवाहा को 7 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में उदयमंदिर थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के इस केस में पुलिस की ओर से बेहतरीन जांच और कोर्ट में उचित पैरवी की बदौलत यह केस इस अंजाम तक पहुंच पाया।
दरअसल, उदयमंदिर पुलिस ने गत 12 फरवरी 2017 को पावटा किसान भवन के निकट से मंडोर के नागौरी बेरा बिजली घर के पास नारायण भवन निवासी सूरज उर्फ सूर्यप्रकाश पुत्र पदमसिंह माली को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से पिस्टल व कारतूस बरामद किए गए थे। इस प्रकरण की तत्कालीन उप निरीक्षक मुकनदान ने जांच की। इसमें आरोपी के खिलाफ तमाम साक्ष्य संकलित कर कोर्ट में चालान पेश किया गया था।
कोर्ट में दोष सिद्ध घोषित, जमानत मुचलके निरस्त प्रकरण की जांच के बाद चार्जशीट में तथ्यों के आधार पर आरोपी सूरज उर्फ सूर्यप्रकाश को आयुद्ध अधिनियम में दोषसिद्ध घोषित किया गया, जबकि केस में दो गवाह अपने बयानों से पलट चुके थे। इसके बावजूद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों को सही मानते हुए कोर्ट ने आरोपी के पूर्व के जमानत मुचलके निरस्त कर दिए। आरोपी के अधिवक्ता ने कोर्ट से नरमी का रुख अपनाए जाने का आग्रह भी किया, लेकिन अपर लोक अभियोजक चांद अली की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि अभियुक्त सूरज को एक गंभीर प्रकृति के आरोप में दोषसिद्ध घोषित किया गया है। उसके खिलाफ पूर्व में दर्ज अन्य मामलों की जानकारी भी कोर्ट को दी गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सूरज उर्फ सूर्यप्रकाश कच्छवाहा को 7 साल साधारण कारावास और 10 हजार रुपए के जुर्माना से दंडित किया। साा ही जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का फैसला सुनाया।

